m
mohinimishra498

Mohini

@mohinimishra498

Mohini78storywriter

India
Parte de la información aparece en idioma inglés.
Sobre mí
Hello! I’m Mohini Mishra, a passionate and creative Story & Content Writer based in Gonda City, India. I specialize in crafting engaging,romantic, emotional, and attention-grabbing stories that connect deeply with readers and listeners. With a strong understanding of audience psychology and trending content styles (especially for platforms like audio storytelling apps, blogs, and social media), I create content that keeps people hooked from start to finish.... Lee más

Habilidades

m
mohinimishra498
Mohini
desconectado • 
Tiempo medio de respuesta: 54 horas

Revisa mis servicios

Escritura de juegos
I will write romantic, suspense and emotional stories

Porfolio

Experiencia laboral

Story writing

Story hub • Trabajador autónomo

Jan 2026 - Mar 20262 mos

मैं एक ऐसी लेखिका हूँ जो शब्दों के धागों से मानवीय संवेदनाओं, प्रेम की कोमलता और विरह की गहरी टीस को कहानियों के ज़रिए बुनती हूँ। मेरा मानना है कि इंसान के असली जज्बात अक्सर उसकी कमजोरी के पलों में ही बाहर आते हैं। मेरा वर्तमान प्रोजेक्ट, 'तपिश: बुखार के साये में', इसी विचार पर आधारित एक ऐसी ही मार्मिक कहानी है। यह कहानी केवल एक शारीरिक बीमारी के बारे में नहीं है, बल्कि यह उन दो दिलों के बीच उपजे गहरे भावनात्मक जुड़ाव (Emotional Bond) और निस्वार्थ देखभाल की दास्तां है, जो अक्सर भागदौड़ भरी जिंदगी की खामोशी में कहीं खो जाते हैं। कहानी की शुरुआत एक ऐसी शाम से होती है, जब बाहर तेज़ बारिश की बूंदें खिड़की से टकरा रही थीं और अंदर कमरे की खामोशी में मेरा शरीर तेज बुखार की तपिश में जल रहा था। उस वक्त, जब सर में उठने वाला हर दर्द पुरानी यादों को कुरेद रहा था, तब प्रेम एक दवा बनकर मेरे करीब आया। बुखार की उस कंपकंपी में जब रजाई भी गर्माहट देने में नाकाम थी, तब किसी के ठंडे हाथों का मेरे तपते माथे पर स्पर्श एक रूहानी सुकून की तरह महसूस हुआ। वह स्पर्श महज़ एक भौतिक क्रिया नहीं थी, बल्कि उसमें बरसों की फिक्र और अनकही मोहब्बत घुली हुई थी। मैंने अपनी कहानी में उस मंजर को बेहद बारीकी से उकेरा है—कैसे एक कड़वी दवा का घूँट भी मीठा लगने लगता है जब उसे देने वाला हाथ भरोसे का हो। जब बुखार की तपिश बढ़ती है, तो इंसान के शब्द कम हो जाते हैं और सिर्फ आँखें बात करती हैं। उन्हीं धुंधली आँखों से जब आप अपने पास किसी को रात भर जागते हुए, ठंडी पट्टियाँ बदलते हुए देखते हैं, तो दिल की गहराई में एक ऐसा जुड़ाव पैदा होता है जो शब्दों का मोहताज नहीं होता। इस कहानी में मैंने 'विरह' के उस पहलू को भी छुआ है, जहाँ बीमारी की हालत में हम अपनों की कमी को सबसे ज्यादा महसूस करते हैं। 'तपिश' उस तड़प को भी बयां करती है कि कैसे एक व्यक्ति की गैरमौजूदगी बुखार के दर्द को दोगुना कर देती है। यह कहानी दर्शाती है कि सेवा और देखभाल (Caregiving) प्रेम का सबसे उच्चतम स्वरूप है। जब शरीर पूरी तरह से दूसरे पर निर्भर होता है, तब अहंकार मर जाता है और केवल शुद्ध भावनाएं शेष रह जाती हैं। मेरे इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य पाठकों को यह महसूस कराना है कि प्रेम केवल हँसने-मुस्कुराने का नाम नहीं है; यह एक-दूसरे के दर्द को अपना लेने, आधी रात को उठ